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1. संस्थान का उद्देश्‍य / Aim of Organization

संस्थान का उद्देश्‍य भारत-चीन सीमा पर अथवा किसी अन्य वाह्य आक्रमण के समय अथवा वाह्य तत्वों के द्वारा प्रेरित इन्सरजेन्सी/आतंकवाद की घटनाओं/आपातकालीन स्थिति/श्रीलंका में ‘’पवन’’ आपरेशन/देश/प्रदेश में कानून और व्यवस्था के रख-रखाव/साम्प्रदायिक दंगों/दैवी-आपदाओं/प्राक़ृतिक आपदाओं तथा अग्नि-काण्‍ड के समय एवं उनके दौरान बचाव कार्य में/दस्यु व उन्मूलन अभियान/अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु समय-समय पर केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा परिचालित अन्य विशेष अभियानों(Operations) में सक्रिय ड्यिूटी के दौरान मृत्‍यु/स्थाई रूप से अपंग घोषित (अपंगता के आधार पर सेवा पूर्ण होने के पूर्व सेवानिवृत्‍त घोषित होने पर) सैन्य बल/अर्द्ध सैनिक बल (केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल (C.R.P.F.), सीमा सुरक्षा बल (B.S.F.), असम राइफल्‍स, भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस बल (I.T.B.P.), केन्‍द्रीय औ़़द्योगिक सुरक्षा बल (C.I.S.F.), सशस्‍त्र सीमा बल (S.S.B.), विशेष सुरक्षा दल (S.P.G.), राष्‍ट्रीय सुरक्षा गार्ड (N.S.G.), रेलवे सुरक्षा बल (R.P.F.) एवं राष्‍ट्रीय आपदा प्रबन्‍धन बल (N.D.R.F.) के कर्मियों एवं उनके आश्रितों को, जो उत्‍तर प्रदेश के स्‍थायी निवासी हों तथा पुलिस/ पीoएoसीo एवं विशेष पुलिस बल में कार्यरत कर्मियों एवं उनके आश्रितों को अनुग्रह अनुदान, बच्चों को वार्षिक शिक्षा अनुदान एवं लडकी की शादी हेतु सहायता प्रदान की जाती है।

उ0प्र0 पुलिस एवं आर्म्‍ड फोर्सेज सहायता संस्थान की प्रबन्ध समिति द्वारा उक्‍त वर्णित घटनाओं में सक्रिय ड्यिूटी के दौरान दुर्घटनावश हुई मृत्यु /स्थाई रूप से अपंग घोषित (अपंगता के आधार पर सेवा पूर्ण होने के पूर्व सेवानिवृत्‍त घोषित होने पर) उपरोक्‍त बलों के कर्मियों के मामलों में सहायता प्रदान किये जाने का निर्णय दिनांक 13 नवम्बर, 2009 से लिया गया है। जिसका विवरण संक्षेप में निम्नवत् है :-

(क)

ड्यूटी के दौरान हुई दुर्घटनावश मृत्यु व (यथा-सीमा पर अभियान हेतु आने-जाने के दौरान दुर्घटनावश गाड़ी पलट जाने पर/लड. जाने पर अथवा किसी चीज से टकरा जाने पर, सांप काट लेने पर, हृदयगति रूक जाने के कारण, ऑधी-तूफान से टेन्ट गिरने के कारण, नदी-नाला पार करते समय उसमें गिरने के कारण एवं आदि प्रकार की दुर्घटनाओं में)।

(ख)

किसी अभियान के दौरान वायुयान/हेलीकाप्टर के क्रैश हो जाने के कारण दुर्घटनावश हुई मृत्यु।

(ग)

अपराधी को पकड़कर गाड़ी से ले जाते समय किसी कारणवश दुर्घटनावश हुई मृत्यु।

2. प्रबन्ध समिति द्वारा उपर्युक्त प्रस्ताव पर इस शर्त के साथ अनुमोदन प्रदान किया गया है कि स्वीकृति/भुगतान के पूर्व यह सु‍निश्चित कर लिया जायेगा कि मृत्यु या स्थायी अपंगता अभियान(Operation) के दौरान ड्यूटी का निर्वहन करते हुये हुई है।

3. लाभभोगी एवं आश्रित

संस्थान द्वारा उपरोक्त बलों के लाभभोगियों एवं उनके आश्रितों, यथा पति/पत्‍नी/माता/पिता/बच्चे/मृतक पुत्र की विधवा व बच्चे तथा मॉं-बाप के न होने की दशा में दादा-दादी/नाना-नानी, जो लाभभोगियों पर पूर्णतया आश्रित हो, को संस्थान द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाता है।

4. संचालित योजनाएं

उपरोक्‍त वर्णित घटनाओं/परिस्थितियों में सैन्‍यबल/पुलिस/पी0ए0सी0/अर्द्ध सैनिक बल के कर्मियों को वीरगति प्राप्‍त होने पर अथवा स्‍थायी रूप से अपंग घोषित (अपंगता के आधार पर सेवा पूर्ण होने के पूर्व सेवानिवृत्‍त घोषित होने पर) एकमुश्‍त अनुदान प्रदान करना।

उपर्युक्तानुसार प्रबन्ध समिति द्वारा दिo13-11-2009 एवं उसके पश्चात वीरगति को प्राप्त हुये अधिकारियों/कर्मियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान की धनराशि समान रूप से तथा स्थाई रूप से अपंग घोषित अधिकारियों/कर्मियों को अनुग्रह अनुदान की धनराशि समान रूप से दिये जाने का निर्णय लिया गया है ।

उ0प्र0 के पुलिस एवं पी0ए0सी0 बल में कार्यरत अन्‍य राज्‍य के निवासियों को भी पात्रता निर्धारण में संशोधन करते हुए संस्‍थान द्धारा प्रदान की जाने वाली सहायता प्रदान किये जाने का निर्णय संस्‍थान की प्रबन्‍ध समिति द्धारा दिनांक 07-07-2010 से लिया गया हैं।